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VOL. 1, ISSUE 2 (2020)
वन आधारित कुटीर उद्योगः औषधि उद्योग के विशेष संदर्भ में
Authors
Prem Prakash
Abstract
संसार की प्राचीनतम पुस्तक अथर्ववेद में वनों को समस्त सुखों का स्रोत माना गया है। आयुर्वेद में लिखा है कि जिस घर में ‘‘तुलसी का पौधा बार-बार मुरझा जाये अथवा न लगे वहां का पर्यावरण प्रदूषित होता है। ‘‘साथ ही प्रत्येक वनस्पति को औषधी की तरह मुल्यवान एवं महत्वपूर्ण माना गया है। प्रत्येक वनस्पति को औषधी कहा गया है।
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Pages:15-18
How to cite this article:
Prem Prakash "वन आधारित कुटीर उद्योगः औषधि उद्योग के विशेष संदर्भ में". Sanskritik aur Samajik Anusandhan, Vol 1, Issue 2, 2020, Pages 15-18
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