Logo
Sanskritik aur Samajik Anusandhan
ARCHIVES
VOL. 2, ISSUE 2 (2021)
हरिवंशराय बच्चन की डायरी एवं आत्मकथा में आत्माभिव्यक्ति
Authors
मंजू शुक्ला
Abstract
सम्भवतः कला का ध्येय मनुष्य को विनम्र बनाना है। वह ज्ञान के अगम अपार भण्डार से भावना की भित्ति पर ऐसे रंग प्रकट करता ह, जो मानवीय संदर्भों में दुनियॉ के शिष्टाचार को वाणी दे।बच्चन युग परिवेश जनित आन्दोलनोंसे साहित्यकार बनते हैंइसलिए उनका लेखन आत्मगत निजता से दूर नहीं रहता।बच्चन लोक समाज,जनजीवन से गहरे संबंध स्थापित करते हुए आत्मवादी रचनाकार बने रहे हैं।
Download
Pages:53-54
How to cite this article:
मंजू शुक्ला "हरिवंशराय बच्चन की डायरी एवं आत्मकथा में आत्माभिव्यक्ति ". Sanskritik aur Samajik Anusandhan, Vol 2, Issue 2, 2021, Pages 53-54
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.