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Sanskritik aur Samajik Anusandhan
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VOL. 3, ISSUE 1 (2022)
पर्यावरण-प्रदूषण के समाधान में ‘यज्ञ’ का योगदान
Authors
विद्याधर सिंह
Abstract
पर्यावरण-प्रदूषण की समस्या आज विश्वपटल पर एक ज्वलन्त समस्या के रूप में उभरी है और इसमें सुधार लाना सारी मानव-जाति के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। पर्यावरण, एक व्यापक शब्द है, जिसमें वे सभी शक्तियाँ, परिस्थितियाँ एवं वस्तुएँ सम्मिलित हैं, जो सम्पूर्ण जगत् को परावृत करती हैं। ये सारी शक्तियाँ, परिस्थितियाँ और वस्तुएँ हमारे क्रियाकलापों को प्रभावित करती हैं, उनके लिए एक परिधि सुनिश्चित करती हैं। यह परिधि व्यक्ति, ग्राम, नगर, प्रदेश, महाद्वीप, विश्व और सम्पूर्ण सौरमण्डल या ब्रह्माण्ड हो सकता है। इस प्रकार हमारे चारों ओर जो विराट् प्राकृतिक परिवेश या दायरा है, उसे ही हम पर्यावरण कहते हैं। मनुष्य जब इन प्राकृतिक शक्तियों या घटकों में हस्तक्षेप करता है, तो किसी एक घटक या तŸव की मात्रा एक निश्चित मानक से कम या अधिक हो जाती है, तो प्रकृति में असन्तुलन आ जाता है। इस असन्तुलन को ही प्रदूषण कहा जाता है।
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Pages:18-21
How to cite this article:
विद्याधर सिंह "पर्यावरण-प्रदूषण के समाधान में ‘यज्ञ’ का योगदान". Sanskritik aur Samajik Anusandhan, Vol 3, Issue 1, 2022, Pages 18-21
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