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Sanskritik aur Samajik Anusandhan
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VOL. 3, ISSUE 2 (2022)
सनातन धर्म, हिन्दुइस्म और हिंदुत्वः एक विश्लेषणात्मक टिप्पणी
Authors
डॉ अनुराग पांडेय
Abstract
प्रस्तुत लेख वर्तमान भारत में व्याप्त हिन्दुइस्म, हिंदुत्व और सनातन धर्म पर उठे वाद-विवाद की पड़ताल करता है। लेख इन तीनों विषयों की परिभाषा देता है और ये जानने का प्रयास करता है के क्या वाकई भारत में निवास करने वाले हिन्दुओं को हिन्दू कहना उचित होगा? या सनातनी अथवा वैदिक धर्म के मानने वाले? इस सम्बन्ध लेख इतिहास और धर्म ग्रंथो की व्याख्या भी प्रस्तुत करता है। इसी के साथ लेख ये विश्लेषण भी करता है के कैसे हिंदुत्व हिन्दुइस्म से निकला हुआ दर्शन है जिसे वीर सावरकर ने अपनी कृति ष्हिंदुत्वरू हिन्दू कौन हैष् में कलमबद्ध किया है। सावरकर के हिंदुत्व के सिद्धांत से जुडी हुई भ्रांतियों का विश्लेषण भी ये लेख प्रस्तुत करता है।
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Pages:10-12
How to cite this article:
डॉ अनुराग पांडेय "सनातन धर्म, हिन्दुइस्म और हिंदुत्वः एक विश्लेषणात्मक टिप्पणी". Sanskritik aur Samajik Anusandhan, Vol 3, Issue 2, 2022, Pages 10-12

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सनातन धर्म, हिन्दुइस्म और हिंदुत्वः एक विश्लेषणात्मक टिप्पणी | Sanskritik aur Samajik Anusandhan