Logo
Sanskritik aur Samajik Anusandhan
ARCHIVES
VOL. 6, ISSUE 1 (2025)
‘बीस बरस’ और गाँव का बदलता परिदृश्य
Authors
रीता गुप्ता
Abstract
रामदरश मिश्र हिन्दी साहित्य के एक प्रतिष्ठित साहित्यकार है। उनका जन्म 15 अगस्त सन् 1924 को उत्तर प्रदेश के कछार अंचल के गाँव ‘डुमरी’ में हुआ है। उनके जीवन की शुरूआत गाँव में ही हुई और वही पर उनकी प्रारम्भिक शिक्षा हुई। उनके कवि हृदय का बीजारोपण गाँव के वातावरण में ही उदय हुआ। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बनारस की धरती पर कदम रखा और वही पर उनके साहित्यिक लेखन का विकास हुआ। बनारस के वातावरण ने उनके कवि हृदय का विस्तार किया। बनारस से गुजरात और फिर दिल्ली जैसे महानगर में उनके लेखन कौशल का विकास होता ही चला गया।
रामदरश मिश्र भले ही शहरों में आकर बस गए हो परन्तु अपने गाँव के प्रति प्रेम और मोह से कभी दूर नहीं हो सके। आज भी गाँव और ग्रामीण समाज उनके भीतर बसा हुआ है, उनके कविता, कहानी, उपन्यास इत्यादि में गाँव मुखर रूप से दिखता है। उनके ही शब्दों में-
“बस गया हूं दोस्तों, दिल्ली शहर के बीच यों तो।
गाँव मेरा अब भी वहीं हां वही, गोरखपुर जिला है।” 
गाँव का जो परिदृश्य समय के साथ परिवर्तित हुआ है, उसका यथार्थ चित्रण उनके साहित्य में दिखता है। वे समय के साथ चलने वालों में से है, जैसे-जैसे समाज बदला है उनके साहित्य में भी परिवर्तन आया है।
Download
Pages:1-3
How to cite this article:
रीता गुप्ता "‘बीस बरस’ और गाँव का बदलता परिदृश्य". Sanskritik aur Samajik Anusandhan, Vol 6, Issue 1, 2025, Pages 1-3
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.