Logo
Sanskritik aur Samajik Anusandhan
ARCHIVES
VOL. 6, ISSUE 1 (2025)
कथाओं एवं उपन्यास में दलित विमर्श
Authors
डॉ. सराजेनी कोशले
Abstract
हिन्दी दलित साहित्य में उपन्यास की उपस्थिति इसके उज्जवल भविष्य का सकंेत यू ‘तो पहले भी दलित साहित्यकारों द्वारा उपन्यास लिखे गये। इसमें डॉ. धर्मवीर का पहला खन बलवन्त सिंह ‘चर्वाक‘ का भूखी चिंगारी की लाल मुस्कुराहट जय प्रकाश कर्द का ‘करूणा‘ तथा प्रेम कपाड़िया का माही की सौनान्दा‘ आदि के नाम लिये जा सकते हैं। लेकिन इन तीनों उपन्यासों के कथ्य दलितों की समस्याओं से सबंंिधत नहीं थे अतः इन्हें दलित उपन्यास की मान्यता प्राप्त नहीं हो सकी।
Download
Pages:4-5
How to cite this article:
डॉ. सराजेनी कोशले "कथाओं एवं उपन्यास में दलित विमर्श". Sanskritik aur Samajik Anusandhan, Vol 6, Issue 1, 2025, Pages 4-5
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.