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VOL. 6, ISSUE 2 (2025)
शिवानी के कथा साहित्य में विकलांग विमर्श
Authors
डॉ. आनंद कुमार कश्यप
Abstract
साहित्यकार जब अपनी रचना को आकार प्रकार देता है, तब वह सूजन की प्रक्रिया में चरित्रों को गढ़ता है। उन्हीं चरित्रों के आकार पर अपने कथा को आगे बढ़ाता है। बिना चरित्रों के गद्य में किसी भी विधा में साहित्य का सृजन संभव ही नहीं है। हिन्दी कथा साहित्य की ख्यानाम लेखिका शिवानी जी एक नारी लेखिका होने के बावजूद भी उन्होंने केवल नारी चरित्रों को ही महत्व न देते हुए पुरुष चरित्रों को भी महत्व दिया है। स्त्री और पुरुष, दोनों पात्रों में विकलांग पात्र भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आते हैं।
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Pages:4-5
How to cite this article:
डॉ. आनंद कुमार कश्यप "शिवानी के कथा साहित्य में विकलांग विमर्श". Sanskritik aur Samajik Anusandhan, Vol 6, Issue 2, 2025, Pages 4-5
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