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VOL. 7, ISSUE 1 (2026)
आर्थिक प्रतिबंधों की वैश्विक राजनीति और भारत की संतुलनकारी विदेश नीति
Authors
ओम प्रकाश गुप्ता
Abstract
समकालीन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आर्थिक प्रतिबंध सैन्य हस्तक्षेप के विकल्प के रूप में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपकरण के रूप में उभरे हैं, जिनका प्रयोग शक्तिशाली राष्ट्रों और बहुपक्षीय संस्थाओं द्वारा राजनीतिक दबाव, रणनीतिक नियंत्रण तथा वैश्विक व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से किया जाता है। वैश्वीकरण और आर्थिक निर्भरता के वर्तमान युग में आर्थिक प्रतिबंधों का प्रभाव केवल लक्षित राज्यों तक सीमित न रहकर व्यापक सामाजिक-आर्थिक संरचनाओं को प्रभावित करता है, जिससे उनकी वैधता, प्रभावशीलता और नैतिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। यह शोध-पत्र आर्थिक प्रतिबंधों की वैश्विक राजनीति का सैद्धांतिक एवं आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है तथा यह विवेचन करता है कि ये प्रतिबंध किस प्रकार शक्ति-राजनीति और आर्थिक राज्यकला के साधन के रूप में कार्य करते हैं। अध्ययन का केंद्रीय फोकस भारत की संतुलनकारी विदेश नीति पर है, जो एक ओर राष्ट्रीय हितों, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देती है, वहीं दूसरी ओर बहुपक्षीयता, अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक उत्तरदायित्व के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखती है। शोध में यह तर्क प्रस्तुत किया गया है कि भारत ने आर्थिक प्रतिबंधों के संदर्भ में न तो पूर्ण समर्थन की नीति अपनाई है और न ही निरपेक्ष विरोध का मार्ग चुना है, बल्कि उसने रणनीतिक स्वायत्तता पर आधारित एक लचीली और विवेकपूर्ण विदेश नीति विकसित की है। गुणात्मक विश्लेषण पद्धति के माध्यम से यह अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि आर्थिक प्रतिबंधों का प्रभाव असमान होता है, जिसका भार प्रायः विकासशील देशों और समाज के कमजोर वर्गों पर अधिक पड़ता है, जिससे वैश्विक दक्षिण के हित प्रभावित होते हैं। इस संदर्भ में भारत की भूमिका एक ऐसे उभरते वैश्विक अभिनेता के रूप में सामने आती है, जो प्रतिबंध-आधारित शक्ति संरचना के स्थान पर संवाद, सहयोग और संस्थागत सुधारों को प्राथमिकता देता है। अंततः यह शोध निष्कर्ष निकालता है कि आर्थिक प्रतिबंधों की वैश्विक राजनीति में भारत की संतुलनकारी विदेश नीति न केवल उसके राष्ट्रीय हितों की रक्षा करती है, बल्कि वह बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में एक वैकल्पिक, नैतिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करती है, जो दीर्घकालिक वैश्विक स्थिरता और समावेशी अंतरराष्ट्रीय शासन की संभावनाओं को सुदृढ़ करता है।
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Pages:1-4
How to cite this article:
ओम प्रकाश गुप्ता "आर्थिक प्रतिबंधों की वैश्विक राजनीति और भारत की संतुलनकारी विदेश नीति". Sanskritik aur Samajik Anusandhan, Vol 7, Issue 1, 2026, Pages 1-4
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